Radha Ashtami: आज मनाई जा रही है राधा अष्टमी, जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्‍व

भाद्रपद शुक्‍ल पक्ष की अष्‍टमी तिथि को राधा अष्‍टमी मनाई जाती है। इस दिन पूजा और व्रत रखने से श्री कृष्‍ण का भी आशीर्वाद प्राप्‍त होता है। यहां जानें पूजा का शुभ मुहूर्त एवं विधि।

मुख्य बातें

  • आज का दिन राधा रानी के अवतरण दिवस के रूप में मनाया जाता है
  • राधा का नाम कृष्ण के पहले आता है
  • अभिजीत मुहूर्त में किसी विशेष मनोकामना हेतु पूजा की जा सकती है

Radha Ashtmi Vrat 2019: दिनांक 06 सितंबर 2019 यानि की आज राधाष्टमी व्रत है। ज्योतिषाचार्य सुजीत जी महाराज के अनुसार यह राधा रानी के अवतरण दिवस के रूप में मनाया जाता है। बिना राधा जी के भक्ति के श्री कृष्ण भक्ति प्राप्त नहीं की जा सकती है। राधा का नाम कृष्ण के पहले आता है। इस दिन यदि हम भक्ति भाव से राधा जी की भक्ति करें तो भगवान कृष्ण प्रसन्न होकर मनोवांछित फल प्रदान करते हैं ।

पूजा का शुभ मुहूर्त-
1- अभिजीत मुहूर्त-11:54 am से 12:45 pm
2- अमृत काल-07:52 pm से 09:50 pm
3- विजय मूहूर्त-02:25 pm से 03:15 pm
4- गोधूलि मुहूर्त-06:20pm से 06:45 pm

उपर्युक्त शुभ मुहूर्त में पूजन करना शुभ रहेगा। अभिजीत मुहूर्त में किसी विशेष मनोकामना हेतु पूजा की जा सकती है। यदि आपको किसी कार्य में विजय की प्राप्ति करनी है तो विजय काल में विष्णुसहस्रनाम का पाठ करना चाहिए तथा राधा कृष्ण नाम का संकीर्तन करना श्रेयस्कर है। घी का अखंड दीपक इस पर्व पर पूरे दिन रात जलता रहेगा। जो लोग व्रत हैं वो अगले दिन प्रातः सूर्योदय के बाद पारण करेंगे।

पूजा की विधि-
इस दिन पूजा घर में राधा कृष्ण की मूर्ति बैठाकर व श्रृंगार करके भजन तथा कीर्तन करना चाहिए। समूह में संकीर्तन आत्मिक सुख के साथ साथ मनोवांछित मनोकामनाओं की प्राप्ति भी करवाता है। फिर श्री विष्णुसहस्रनाम का पाठ करना चाहिए। आज इस पुस्तक के अकेले पाठ का कोई फल तभी प्राप्त होगा जब साथ में आप श्री सूक्त का भी पाठ करेंगे क्योंकि यही दोनों पूजाएं मिलकर भगवान विष्णु तथा माता लक्ष्मी को प्रसन्न करेंगी। श्री मदभागवत का कुछ श्रवण या वाचन कर लें तो बेहतर है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *