Mahalaxmi Vrat 2019: महालक्ष्‍मी व्रत को करने से होती है धन वैभव की बारिश, जानें पूजा विधि एवं शुभ मुहूर्त

माता लक्ष्मी का आर्शीवाद पाने के लिए आज महालक्ष्मी व्रत रखा जाएगा। यहां जानें महालक्ष्मी व्रत का शुभ मुहूर्त, महत्‍व एवं पूजा विधि के बारे में।

मुख्य बातें

  • धन की देवी मां लक्ष्‍मी का फलदायी व्रत भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से प्रारंभ होता है
  • इस व्रत को जो भी महिला रखती है उसके घर में कभी कलह नहीं होती
  • बहुत सी महिलाएं इसे पूरे 16 दिन रखती हैं

Mahalaxmi vrat 2019 Subh Muhurat: धन की देवी मां लक्ष्‍मी का फलदायी व्रत भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से प्रारंभ होता है जिसका समापन अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन होता है। यह व्रत काफी शुभ माना जा है क्‍योंकि इसे पूरे विधि विधान से रखने से घर में सुख शांति और धन की वर्षा होती है। मान्‍यता यह भी है कि इस व्रत को जो भी महिला रखती है उसके घर में कभी कलह नहीं होती।

इस व्रत में माता लक्ष्‍मी की पूजा की जाती है। जिसके बाद शाम को चंद्रमा को अर्ध्य दिया जाता है। बहुत सी महिलाएं इसे पूरे 16 दिन रखती हैं मगर कुछ के लिए यह थोड़ा मुश्‍किल मामला होता है जिस कारण वह इसे मात्र 3 दिन के लिए रखती है। मगर व्रत का आखिरी दिन काफी महत्‍वपूर्ण और फलदायी माना जाता है। आइये यहां जानते हैं महालक्ष्मी व्रत का शुभ मुहूर्त एवं पूजा विधि-

महालक्ष्मी व्रत 2019 शुभ मुहूर्त (Mahalaxmi vrat 2019 Subh Muhurat) 

  • अष्टमी तिथि प्रारंभ- सुबह 8 बजकर 49 मिनट से (5 सितंबर 2019) अष्टमी तिथि
  • समाप्त- सुबह 8 बजकर 43 मिनट तक (6 सितंबर 2019)

महालक्ष्मी व्रत विधि- 

  • सबसे पहले पूजा स्‍थान पर हल्‍दी से कमल बनाकर उस पर माता लक्ष्मी की मूर्ति स्थापित करें।
  • फिर मूर्ति के सामने श्रीयंत्र, सोने या चांदी के सिक्के तथा फल फूल रखें।
  • इसके बाद मां लक्ष्‍मी के आठ रूपों का मंत्र जाप करते हुए उन पर कुंकुम, चावल और फूल चढ़ाते हुए पूजा करें।
  • शाम को भी इसी विधि से मां लक्ष्‍मी की पूजा करें।
  • इसके अलावा अपने घर के सामने एक दीपक जला कर रखें।

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